group in tally

List of ledger under group in Tally ERP 9

यहाँ पर हम आपको Group in tally के बारे में बताने जा रहे है| आपको यहाँ पर tally erp 9 में

group in tally
Account लिखने से पहले यह जानना बहोत जरुरी है की कोनसा Account के under में Group आएगा वह जानना बहोत जरुरी है| Group in tally में आपको Group के बारे में जानना बहोत जरुरी है| list of ledger under group in tally erp 9 यहाँ पर निचे दिया हुआ है| आप को यहाँ पूरी जानकारी दी जाएगी| Group में आपको हर Group के बारे में Information दी गयी है| how to create Group in tally आपको यहाँ पर images में देख सकते है की Single Group में आप Create , Display और Alter 3 तरह के बटन दिया हुआ है| group in tally में आपको default Group in tally में दिया हुआ होता है | आपको सिर्फ Group select करना है | 


आइये हम जानते है Group in tally के कितने प्रकार के group होते है| सभी group का meaning क्या होता है| कोनसे ledger में कोनसा Group select करना है वह भी आपको जानकारी दी जाएगी|  Group की लिस्ट आप निचे देख सकते है| हम आपको Group की हर तरह के Group के बताने वाले है| 


Bank Account : Bank Account में आपके जितने भी Bank Account है वह सभी Bank Account के ledger के Group में आपको Bank Account को Select करना है| Bank Account यानि के आपके Current Bank Account हो या Savings Bank Account हो सभी का Under Group आपको Bank Account ही Select करना पड़ेगा| Bank Account में आपके सभी प्रकार के Bank Account group select करना है| 

Bank OCC A/c : Bank OCC Account group में यदि आपने Business के लिए Bank से आपने Overdraft Cash Credit loan लिया है| इसीतरह के bank account का Group आपको Bank OCC Account select करना है| 

Bank OD A/C : Bank OD यानि आपने Bank से Overdraft की Facility ली है और उसमे आपके Transaction हो रहे है इस तरह के Bank OD Group में Select करना है| 

branch/Divisions : यहाँ पर आपके Business के 1 से ज्यादा Branches है या फिर आपके Products का Stock एक से ज्यादा Godown में है| यहाँ पर आपको Branches/ Godown Group Select करना है| 

Capital Account : यहाँ पर यदि आप  Individual Proprietorship firm का Account लिख रहे है तो आपको owner के नाम का ledger में आपको Group में Capital Account Select करना है| लेकिन आपकी Partnership Firm है| जितने Partners होंगे उनके Ledger का under Group आपको Capital Account Select करना है| 

Cash-in-Hand : यहाँ पर आपको अपने Business का Cash Transaction करने के लिए जो आप Cash Payment और Cash Receipt का इस्तेमाल करते है| आपके पास Petty Cash हो या Main Cash हो उन सबका आपको Group Cash-in-Hand Select करना है| 

Current Assets : Current Assets Main Group है जिसमे आपको अलग अलग प्रकार के Group शामिल है| जैसे की Stock in Hand , Loan & Advances, Cash in Hand , Duties & Taxes , Sundry Debtors जैसे ग्रुप इन Group के under में आपको दिखाई देंगे| यहाँ पर आप कोई Special Ledger को आप Balance Sheet में दिखाना चाहते है| जैसे की TDS Receivable है| Advance Income Tax, self Assessment Tax जैसे Ledger आप Balance Sheet में दिखाना चाहते है तो आप यहाँ पर इस Group को Select कर सकते है| 

Current Liabilities : Current liabilities एक ऐसा Group है जिसमे आप और भी Group को Add कर सकते है| जैसे की आप जो Group को Balance Sheet में दिखाना चाहते है| उन प्रकार के ग्रुप में आप इस Group को Select कर सकते है| जैसे की आप कोई ledger को Balance Sheet में दिखाना चाहते है| वही सभी leader का group आप यही Select कर सकते है| 

Deposits  (Assets) : यहाँ पर आपको वही Ledger में यह Group लिखना है जिसमे आपने Electricity Deposit, Business के लिए आपने किसी को Deposit दी हो| आपने कोई Govt Department में Deposit दी है वह सभी Ledger के under Group में आप Deposits(Assets) group Select कर सकते है| 

Direct Expenses : Direct Expenses यानि की आपके Purchase के Related सभी प्रकार के Expenses आप यहाँ पर इस Group in tally में Select कर सकते है| जैसे की labor Charges/Salary , Purchase करते वक्त हुआ Transport Expenses, Raw Material purchase करते वक्त होता हुआ सारा Expenses आपको Direct Expenses Group Select करना है| Direct Expenses यानि की Direct Expenses जो Purchase के Related है वह सरे Expenses का Group आप यह Select कर सकते है| 

Direct Income : Direct Income Group में आप Direct Income जो Sales के Related है जैसे की Trade Discount, Credit Note में Price Difference है| इस तरह की Direct Income जो आपके Sales से Related है वह सभी Ledger में आप यह Group Select कर सकते है| 

Duties & Taxes : यहाँ पर आप Duties & Taxes जैसे की GST Payable है| GST Receivable है| TDS Paid करना है|  Excise Duty आपको paid करनी है| Income Tax Paid करना है| सभी प्रकार के Tax के Ledger का आप under Group यह Select कर सकते है| 

Expenses (Direct) : Direct Expenses यानि की आपके Purchase के Related सभी प्रकार के Expenses आप यहाँ पर इस Group in tally में Select कर सकते है| जैसे की labor Charges/Salary , Purchase करते वक्त हुआ Transport Expenses, Raw Material purchase करते वक्त होता हुआ सारा Expenses आपको Direct Expenses Group Select करना है| Direct Expenses यानि की Direct Expenses जो Purchase के Related है वह सरे Expenses का Group आप यह Select कर सकते है| 

Expenses (Indirect) : यहाँ पर अपने Business के Related सभी Expenses जैसे की Salary, Shop Rent, Bank Charges, Stationary Expenses, Telephone & Mobile Bill, Travelling Expenses, सभी प्रकार के Business के Related Expenses Ledger का आप Group यह Select कर सकते है| 

Fixed Assets : आपके Business में जो आप Fixed Assets यानि की Immovable Property भी कहते है| जैसे की Building, Godown Purchase किया है| Motor Bike , Car , Mobile Purchase किया है| immovable and movable property आपने purchase की है जिसका इस्तेमाल आप Business में करते है वह सभी प्रकार के Fixed Assets का ग्रुप यह Select कर सकते है| आपका Personal Account में भी आप Freeze , Air Conditioner, Fan सभी Electronic Goods जिसके आप Fixed Assets के Group में आता है| 

Income (Direct) : Direct Income Group में आप Direct Income जो Sales के Related है जैसे की Trade Discount, Credit Note में Price Difference है| इस तरह की Direct Income जो आपके Sales से Related है वह सभी Ledger में आप यह Group Select कर सकते है|

Income (Indirect) : Income Indirect यानि की जैसे की Fixed Deposit Interest Income , Other Interest Income , Kasar Income, Share Dividend, Bank Dividend सभी प्रकार के जैसे की Indirect Income जो Sales के आलावा की Income है उसी तरह की Income को Indirect Income कहते है| वह जैसी Income का Group Indirect Income Group Select करना है| 

Indirect Expenses : हाँ पर अपने Business के Related सभी Expenses जैसे की Salary, Shop Rent, Bank Charges, Stationary Expenses, Telephone & Mobile Bill, Travelling Expenses, सभी प्रकार के Business के Related Expenses Ledger का आप Group यह Select कर सकते है| Indirect Expenses जो business के Related है वह सभी Expenses Indirect है जो Business के Related नहीं है| लेकिन वह Expenses को Business के Related है वह यह Group select करना है| 

Indirect Income  : Income Indirect यानि की जैसे की Fixed Deposit Interest Income , Other Interest Income , Kasar Income, Share Dividend, Bank Dividend सभी प्रकार के जैसे की Indirect Income जो Sales के आलावा की Income है उसी तरह की Income को Indirect Income कहते है| वह जैसी Income का Group Indirect Income Group Select करना है| 

Investments : Investments यानि आपने Business में या Individual में Investment किया है जैसे की Fixed Deposit, SIP, Share Investment, LIC Investment जिसमे आपको Interest मिलता है| वही सभी प्रकार के Investment में आप को यह Group Select करना है| 

Loan & Advances (Assets) : यानि की आपने Business में किसी को Cheque से या Cash से आपने पैसा दिया है| जो loan है जो आपको वापस मिलने वाला है| इस तरह के Loan का Ledger आपको इस group में select कर सकते है| 

Loan (Liability) : Loan (liability)  में Bank OD, Secured Loan और Unsecured Loan जैसे जो भी Group है वह आपको Balance Sheet में दिखाई देते है| यदि आप कोई Ledger को अलग से Balance Sheet में दिखाना चाहते है तो आप यह Group Select कर सकते है| आपने कोई अलग से Group बनाया है जो Loan से Related है तो आप यह Group Select कर सकते है| 

Misc. Expenses (Assets) : Misc Expenses यानि ऐसे Expenses जिसका आपने खर्चा कर दिया है लेकिन वह आपको आने वाले 5 साल तक या अगले साल आपको बाद Expenses में लेना है| जैसे की Building Construction का काम का खर्च आपने किया है लेकिन आपका Building Construction का काम ख़त्म होने पर आपको उसे Expenses में लिख सकते है| ऐसे Expenses के ledger को आप इस Group Select कर सकते है| 

Provision : यहाँ पर आप Year ending में Provision करते है जैसे की Income Tax Provision, Expenses Provision, इन सभी Provision के Ledger का आप इस ग्रुप में Select कर सकते है| जैसे की year End के Light Bill , Telephone Bill ,Expenses जैसे की Salary , Shop Rent , Godown Rent  जो आप payable Account का Ledger का Group Select कर सकते है| 

Purchase Account : Purchase Account में अपने Purchase के Related Purchase Bill में आप raw Material purchase करते है वह Ledger का group आप Purchase Account में Select कर सकते है| 

Reserve  & Surplus : यह Group आप जब Income & Expenditure यानि कोई Trust का Account लिख रहे है| उसमे Profit जो आता है वह Capital Account में नहीं जाता है| वह Balance Sheet में रहता है तब आप यह Group Select कर सकते है| या फिर आप जब Pvt Ltd company का account लिखते है| तब profit Balance Sheet में ही रहता है capital account में Divide नहीं होता है| 

Sales Accounts :  Sales Account में आप जिस Products का Sales कर रहे है या आप एक ही Ledger बनाया है वह Sales का है तो आपको यह Group Select करना है| 

Secured Loans : Secured Loans में आपने बैंक से Loan लिया है वह Bank Loan Account आपको यहाँ पर Group में Select करना है| जैसे की ICICI Vehicle Loan Account है इसका Group आपको Secured Loans Select करना है| 

Stock in Hand : Stock in hand में यदि आप Inventory Maintain नहीं कर रहे है लेकिन आपको कुछ  Product का Item wise Stock लिखना है तो आप उस Products का Under Group Select करना है| 

Sundry Creditors : आप Purchase Bill यानि आप जिससे Purchase करते है वह सभी Vendor या Merchant का ledger का under Group आपको Sundry Creditors Select कर सकते है| 

Sundry Debtors : Sundry Debtors यानि आप sales Bill में जिसको आपने Products Sale कर रहे है वह सभी Vendor या Merchant के Ledger का under Group आपको Sundry Debtors Select करना है| 

unsecured Loans : Unsecured Loans यानि की आपने अपने Business के लिए आपने व्यक्ति या किसी Partnership Firm से पैसा Loan पर लिया है वह सभी Ledger का Group Unsecured Loan Select करना है| 


हम आपको यहाँ पर group in tally में बहोत से group है| उन group in tally में आपको कोनसा group किस Ledger में आपको इस्तेमाल करना है वह जानकारी आपको यहाँ पर दी गयी है| आपको यहाँ पर group in tally में यहाँ पर आपको List of ledger under group in Tally ERP 9 में कैसे group in tally में select  करना है वह जानकारी आपको दी गयी है| 


Useful Links : 

how to create company in tally in hindi


 CHAPTER-1  RULES OF ACCOUNT


how to create company in tally in hindi

how to create company in tally in hindi

how to create company in tally in hindi

हम आपको यह पर how to create company in tally in hindi के बारेमे बताने वाले है| आपको सबसे पहले Tally erp 9 latest Accounting Software Download करना है| उसके बाद आपको Images देख के आपको यहाँ बताया जायेगा की how to create company in tally in hindi के बारे में| सबसे पहले आपको Tally erp 9 ओपन करना है| आप Image में देख सकते है Company Info. लिखा है वह सबसे पहले "Select Company" है| यदि आपने पहले Company बनाई होगी तो आपको यहाँ पर Click करके आप अपनी Company Select कर सकते है| लेकिन हमें यहाँ पर हमें Create Company के बारे में जानना है| यहाँ पर हम how to create company in tally in hindi के बारे में जानना है| 

सबसे पहले आपको Create Company पर Click करना है| उसके बाद आपके सामने एक Menu आपने होगा| उसमे आपको Create Company के बारे में यानि की आप जिस कंपनी बनाना चाहते है वह Details आपको यहाँ पर भरनी है| हम Images के देखके जानते है की Create Company कैसे करते है| निचे दिए हुए Information आपको fill up करनी है| 

how to create company in tally in hindi
Name : आपकी कंपनी की Name. यानि की आप Individual Account के नाम से Tally में Account बनाना चाहते है तो आप Individual नाम लिखना है| जैसी की Ketan kumar Jansari का Individual Account लिखना चाहते है| Name में आपको Ketan kumar Girishbhai Jansari लिखना है| लेकिन आप Proprietorship यानि की मेरा नाम Ketan kumar Girishbhai Jansari है लेकिन मेरी Shop JK Associates के नाम से है तो आप यहाँ पर JK Associates नाम लिखना है| लेकिन आपकी Partnership Firm है तो आपको Partnership Firm के नाम से Create company करनी पड़ेगी| यदि आपने Partnership Firm के लिए Partnership Deed और Partnership Agreement बनाना है तो आप यहाँ पर click करके जाने Partnership Firm कैसे बनती है| Partnership Deed or Agreement जैसी की JK Enterprise. Partnership Dee में जो नाम लिखा है वही आपको यहाँ पर लिखना पड़ेगा| यदि आपको Partnership Firm बनानी है तो आप यहाँ पर Click करके उसके बड़े में जानकारी ले सकते है| Partnership Firm कैसे बनाये|   यदि आपकी Private Limited Company है तो आपको JK Private Limited के नाम से आपको Company open करनी पड़ेगी|  

Mailing Name : यदि आपको Proprietorship Firm है| आपने Proprietorship firm के नाम से Create Company की है तो आप यहाँ पर Proprietor of : करके Owner का नाम लिख सकते है| 

Address : यहाँ पर आपको Company का या आपका Business जहा पर है वह का Address आपको यहाँ पर लिखना है| इसके लिए आप Light Bill या Municipality Tax Receipt में जो Address लिखा है वह भी लिख सकते है| 

Country : यहाँ पर आपको आपकी कंपनी जहा पर है वह का Country का नाम लिखना है| वैसे हमें India लिखना है| 

State : यहाँ पर आपको अपना State का नाम सही से Select करना है क्योंकि State Select करना इसीलिए जरुरी है GST Configuration करने के लिए बहोत जरुरी है| इसीलिए आपको यहाँ पर अपना State Select करना है| 

Pin Code : Pin Code यानि आपके area का Pin code यहाँ पर आपको लिखना है| जिससे GST में E-way bill बनाने के लिए भी आपको बहोत जरुरी है| जिससे आपका E-way Bill बनाना है या नहीं उसकी जानकारी आपको यहाँ पर System से आपको बताएँगे| इसीलिए आपको PIN Code लिखना बहोत जरुरी है| 

Phone No. यहाँ पर आपका Shop में आपने Number लिया है Landline आप यहाँ पर लिख सकते है| 

Mobile NO. यहाँ पर आपको अपना Mobile Number लिखना है| यदि आपने Mobile Number Special Business के लिए लिया है तो आप यहाँ पर लिख सकते है| 

Fax No. यहाँ पर आपके यहाँ Fax Machine है तो आप यहाँ पर Fax Number लिख सकते है| 

E-mail ID : यहाँ पर आपको अपनी E mail ID लिखना है| आपके Business का Email ID बनाया है आपने तो आप यहाँ पर लिख सकते है| 

website : यहाँ पर आपके Business की website बनायीं है तो आप यहाँ पर लिख सकते है| 

Financial year begins From : यहाँ पर आपको जिस साल से आप Account लिखना चाहते है वह आपको यहाँ पर आप Financial Year लिखना है| जैसे की Income Tax में 1 April से Year शुरू होता है और 31 March को ख़त्म होता है| इसीलिए आपको वह पर 1 -04 -2020 लिखना है| 

Book Beginning From : यहाँ पर आपका Books कहा से start करना है वह लिखना है| जैसे की आपका Year 01 -04 2020 है लेकिन आपने Business May में स्टार्ट किया है तो आप वह 01 -05 -2020 लिखना है| आपका Books of Account 01 -05 -2020 से ही start होगा| उसके बाद वह April महीने के Voucher या Sales Bill या किसी भी तरह की Entry नहीं होगी| ज्यादा लोगो वह पर भी 01 -04 -2020 ही लिखते है| 

Tally vault Password : यहाँ पर आप चाहते है की आप का Account कोई और भी ना देख सके तो आप यहाँ पर Password से Secure कर सकते है| 

Use Security Control :  यहाँ पर आप जब भी Tally ओपन करे तब आपकी Company में जाने के लिए यहाँ पर यदि आपको Password रखना है तो आपको यहाँ पर Yes Select करना पड़ेगा| यदि आप Password रखना नहीं चाहते है तो आप यहाँ पर No Select कर सकते है| 

Name of Administrator :  यदि आपने Use Security Control में Yes किया है तो आपको यहाँ पर User ID लिखना पड़ेगा| user ID आपको याद भी रखना पड़ेगा| क्योंकि Tally में User Id यदि भूल गए तो आपको वापस लेन के लिए Tally Solutions में बात करनी पड़ेगी और उसका खर्चा भी बहोत आएगा | 

Password : यहाँ पर आपको Password लिखना है जो आपको हर बाद company ओपन करने  लिखना पड़ेगा| याद रहे वैसा password आपको यहाँ पर रखना है| 

Repeat Password : आपने ऊपर जो password लिखा है वही Password आपको यहाँ पर भी लिखना है| ऊपर दिया हुआ और यहाँ पर लिखा हुआ पासवर्ड दोनों एक जैसी ही होने चाहिय्र| वार्ना error आएगी| 

Use Tally Audit Features : आप यदि यहाँ पर Audit Features का इस्तेमाल करना चाहते है तो आपको यहाँ पर Yes करना है| जैसी ही आप Yes करेंगे आपका Audit Features Active हो जायेगा| 

Disallow opening in Educational Mode :  यहाँ पर कुछ नहीं करना है| यदि आप अपना Tally Educational मोड यानि की आप फिर Tally में Date change नहीं कर सकोगे| यानि की Education के लिए ही इस्तेमाल होगा वैसा tally हो जायेगा| 


यहाँ पर आपको हमारे द्वारा आपको how to create company in tally in hindi के  बारे में जानकारी दी गयी है| आप यहाँ पर Tally erp 9 में Create Company कैसे करते है उसकी भी जानकारी आपको दी गयी है| यहाँ पर आपको how to create company in tally in hindi में step by step अपनी Create Company कर सकते है| Tally erp 9 ही सबसे ज्यादा Accounting में इस्तेमाल होने वाला software है| Tally erp 9 में आप how to create company in tally in hindi के बारे में जानकारी दी गयी है| आपको यहाँ पर Tally erp 9 के साथ साथ Learn Online Accounting कैसे लिखते है वह भी बताया जायेगा| 

Useful Links : 












ITR-1 AY 2020-21 Income Tax Return - Salary Income and other Income

ITR-1 A.Y. 2020-21 
[Salary and Other Income Like Rent, Interest and other Income]

itr 1 2020-21
हम आपको यहाँ पर Income Tax Return कैसे file करते है| उसके बारे में बताने वाले है| यहाँ पर हम आपको Income Tax Return अपने आप कैसे भर सकते है और आपको Income Tax  Return भरने के लिए क्या क्या Documents चाहिए वह भी आपको बताने वाले है| Income Tax Return कैसे आप भर सकते है| यहाँ पर हम आपको Income Tax Return कैसे भरते है उसके बारे में Step by Step यहाँ पर बताने वाले है| Income Tax Return कैसे भर सकते है आप उसके बारे में Images के साथ हम आपको बताने वाले है| आप सबसे अपना Income Tax Return Prepared करने के बाद आप Income Tax Return e filing कैसे करते है| वह भी हम आपको बताने वाले है| 

सबसे पहले आपको Income Tax Return file करने से पहले आपको Income Tax Return करने के लिए Excel Software Download करना पड़ेगा| सबसे पहले आप यहाँ पर click करके Income Tax Software Download कर सकते है|  ITR -1 Income Tax Return Software आपको Excel फाइल में ऊपर दी हुए image Security Warning में आपको Enable Content बटन पर click करके activate करना है| जिससे आपका Excel का Software ओपन हो जायेगा| 

अब आपको Excel फाइल में अपना Personal Information fill up करना है| जैसे की नीचे दी गयी Image के मुताबिक आपको भरना है| 

अब हम आपको बताने वाले है की ITR -1 File करते है| सबसे पहले आपको अपनी Personal Information यहाँ पर fill up करनी पड़ेगी| आपको यहाँ पर अपनी Personal Information अपने PAN Card के मुजब fill up करनी है| जैसे की आपके PAN Card में आपका नाम जिस तरह जिस words में लिखा है| उसी के मुताबिक आपको यहाँ पर लिखना है| 

First Name
Middle Name
Last Name
PAN ( Income Tax Number) - आपके PAN Card में लिखा है वही अपना PAN Card नंबर लिखना है|  



Aadhar Card Number - यहाँ पर आपको अपना आधार कार्ड नंबर लिखना है| यदि अपने आधार कार्ड के लिए apply किया है| आधार कार्ड नंबर के निचे आपको अपनी आधार कार्ड apply करते वक्त आपको Receipt नंबर लिखना है| 
Flat/Door/Block No.  - यहाँ पर आपको अपने घर का नंबर जैसे की Block No A -302 या फिर F -502 आपको लिखना है| यदि आपको समज में न आये तो आप अपना आधार कार्ड के पीछे लिखा है वही Address के मुताबिक लिख सकते है| 
Name of Premises/Building No. आप जहा रह रहे हो वहा Building का नाम या आपके महोल्ले का नाम यहाँ पर लिख सकते है| 
Date of Birth - यहाँ पर आपको अपनी Date of Birth लिखनी है लेकिन आपके PAN Card में जो लिखी है वही लिखनी है| बहोत से लोगो को PAN Card और आधार कार्ड में एक जैसी Date of Birth नहीं होती| इसीलिए आपको PAN Card के मुताबिक आपको अपनी Date of Birth लिखनी है| 
Road/Street/Post Office - आप जहा रह रहे है वह किस नाम से जाना जाता है वह लिखना है| 
Area/Locality - आपका घर जहा पर है वह किस नाम से जाना जाता है वह लिखना है| या फिर आपके तालुका का नाम यहाँ पर लिख सकते है| 
Town/District - आपके जिले का नाम लिखना है| 
State - आपका State यहाँ पर आपको Select करना है| 
Country [Auto Selected] - आप जैसे ही अपना State select करोगे आपने आप Country नाम आ जायेगा| 
Pin Code - यहाँ पर आपको अपना गांव यह city का Pin Code लिखना है| 
Nature of Income - यहाँ पर आपको अपनी Income यानि आप Govt Employee है तो State Govt में जॉब कर रहे है या Central Govt में या Public Sector में जॉब कर रहे है वह Select करना है| यदि आप Private Job कर रहे है आपको Other Select करना है| यदि आप की Pension Income है तो आपको Pension का option Select करना है| 
Email Address - यहाँ आप को अपना Email Address लिखना है| लेकिन आपने जब Income Tax website पर अपने जिस Email Address से Registration किया है वही Email Address लिखना है| यदि आपने Registration नहीं किया है तो आप यहाँ पर Income Tax Registration कैसे करते है वह यहाँ पर Click करके जान सकते है|


Mobile Number - यहाँ पर आपको अपना Mobile नंबर लिखना| लेकिन जब आपने Income Tax Registration करते वक्त जो Mobile नंबर लिखा है वही आपको लिखना है | 
File u/s response to notice u/s - always 139(1)- on before due date. ITR-1 Filing Due Date of 30.11.2020. - यहाँ पर आप Income Tax Return e filing करने की Due Date से पहले file कर रहे है| आपको यहाँ पर 139(1) - on before due date option Select करना है | यदि आप Due Date बाद Return File कर रहे है तो आपको निचे दिया हुआ दूसरा Option Select करना है|  यदि अपने Return file कर दिया है और दूसरी बरी Income Tax Return file कर रहे है तो आपको Revised Return का option Select करना पड़ेगा| 

Any Query : Online Guidelines Whats-app - +91 84900 65195

Salary Income :-  यदी आपकी income salary है तो आपको यहाँ पर दिए हुए इमेज
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में आपको अपनी Salary Income लिखनी है| जैसे की Gross Salary -Professional Tax यानि के Deduction के पहले की Salary लिखनी है| आपकी Gross Salary यहाँ पर लिखनी है| उसके बाद आपको जो Deduction मिलता है जैसे की Traveling Allowance, House Rent Gratuity Fund, Death Gratuity etc .. यहाँ पर Select करके Deduction बाद की Salary यहाँ पर आएगी| 
Standard Deduction अपने आप यहाँ पर Income Tax के Rules के मुताबिक आपको मिल जायेगा| 
Entertainment Allowance : यदि आपको Entertainment Allowance मिल रहा है तो आप यहाँ पर लिख सकते है| 
Professional Tax : Professional Tax आपका Deduct हुआ है तो आप यहाँ पर लिख सकते है| 

Income From House Property  : यदी आपको Rent की Income है
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या फिर आपको घर की Income हुई है तो आपको यहाँ पर Rent Income लिखनी है| आने अपने घर में Municipality Tax Paid किया वह भी आपको income from House Property में से बाद मिलेगा| आपकी Income From House Property में 30% Income Tax rules के मुताबिक आपको Deduction मिलेगा| यदि आपने अपना घर खरीदने के लिए आपने Home Loan लिया है तो आपको उसका Yearly Interest भी आपको अपने Income From House Property में बाद मिलेगा| उसके लिए आपको Interest Certificate bank से लाना पड़ेगा| 

Income From Other Sources  : यहाँ पर आपको other Income यानि
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के आपका Bank Savings Interest income , FD Interest Income Income Tax Refund Interest Income other Income जैसे की आप की कोई और Income है तो आप यहाँ पर Other Income select करके आपकी Income का नाम लिखके आप यहाँ पर लिख सकते है| आपकी Income और है तो आप Add Rows पर click करके और भी Column बढ़ा सकते है| 

Any Query : Online Guidelines Whats-app - +91 84900 65195

Deduction : यहाँ पर आपका Deduction जैसे की Insurance Policy , Mediclaim,
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Home Loan Principal Amount, Provident Fund, Pension Fund, NSC, KVP, Pension Scheme Central Govt जैसी की आपने Invest किया है वह सब Deduction यहाँ पर आपको लिखना है| ज्यादातर लोग LIC Policy और Mediclaim होता है| Home Loan Installment यहाँ पर आपको लिखना है| Higher Education की Loan का Interest भी आपको यहाँ पर Deduction मिलेगा| Political Party Donation दिया है| Bank Savings Interest भी आपको बाद मिलेगा| 





Exempted Income : निचे दिए  हुए सब income Exempted है| आप निचे देख सकते है| आपको यहाँ पर आपि Exempted Income को fill up करना है| 
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उसके बाद 

Sec 10(11) Statutory Provident Fund received

Agriculture Income (less than equal to Rs.5000)

Sec 10(10BC) Any amount from the Central/State Govt./local authority by way of compensation on account of any disaster

Sec 10(10D) Any sum received under a life insurance policy, including the sum allocated by way of bonus on such policy except sum as mentioned in sub-clause (a) to (d) of Sec.10(1)

Sec 10(12) Recognized Provident Fund received

Sec 10(13) Approved superannuation fund received

Sec 10(16) Scholarships granted to meet the cost of education

Sec 10(17) Allowance MP/MLA/MLC

Sec 10(17A) Award instituted by Government

Sec 10(18) Pension received by winner of  "Param Vir Chakra" or "Maha Vir Chakra" or "Vir Chakra" or such other gallantry award

Defense Medical Disability Pension

Sec 10(19) Armed Forces Family pension in case of death during operational duty

Sec 10(26) Any income as referred to in section 10(26)

Sec 10(26AAA) Any income as referred to in section 10(26AAA)

Sec 10(34) (Exempted Dividend Income)



Any Query : Online Guidelines Whats-app - +91 84900 65195

TDS [Salary] : यहाँ पर आपको अपना TDS यानि "Tax Deducted at Sources " यानि आपके Salary
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Income यदि Taxable है तो आपका TDS employer द्वारा किया गया होगा| उसे TDS जो कटा है वह देखने के लिए आपको 26AS देखना चाहिए| निचे दिए हुए बटन पर Click करके आप अपना 26AS Report देख सकते है| यहाँ पर आपको सबसे पहले 26AS Report में दिए हुए मुताबिक TAN number लिखना है| उसके बाद आपका TDS जिसने काटा है उसका नाम लिखना है| उसके बाद आपका जीतनी salary पर TDS काटा है वह amount लिखनी है| उसके बाद TDS Amount कटी है वह लिखनी है| यहाँ पर यदि आपकी Salary में से TDS काटा है वही लिखना है| 


TDS [other income]  :यहाँ पर आपका TDS काटा है लेकिन वह Other
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Income जैसे की Interest Income, Rent Income, Brokerage Income, जैसी Income पर आपका TDS काटा है वह यहाँ पर लिखना है| यहाँ पर आपको TAN Number लिखना है| उसके बाद जिसने TDS काटा है उस
 का नाम लिखना है| उसके बाद Gross Income जिस पर TDS काटा है| वह Amount लिखना है| उसके लिए आपको सबसे पहले 26AS देखना है| 26AS -15G 15H -credit
 
TDS [other income No TDS Deducted ]  :यहाँ पर आपका TDS नहीं काटा है लेकिन आपकी Income 26AS पर दिखाई देती है जैसे की आपने 15G और 15H फॉitr 1 ay 2020-21र्म दिया है| जिसमे आपका TDS नहीं काटा जाता है वह Income आपको यहाँ पर दिखानी है|  यदी आपकी Interest Income पर TDS कटना होता पर आपकी Income Taxable नहीं है तो आपको 15G और 15H फॉर्म आप देते है तो आपका TDS नहीं कटता है लेकिन आपकी Income 26AS में दिखाई देती है| 

Self Assessment Tax  : यहाँ पर आपने Self Assessment Tax paid किया
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है| जैसे की आपकी Income Taxable है आप Quarterly Tax Paid करते है| उस Tax के Challan की Details यहाँ पर देनी है| Self Assessment Tax क्यों भरा जाता है| Self Assessment Tax भरने से आपको जो Interest लगता है वह नहीं लगेगा उससे आपको फायदा होगा| निचे दिए हुए बटन पर क्लिक करके आप Self Assessment Tax कैसे Pay करते है| उसकी जानकारी दी गयी है| 

 
आपको Self Assessment Tax challan पर आपको BSR Code दिया होगा वह आपको यहाँ पर लिखना है| उसके बाद आपको Tax Pay Date लिखनी है| वही Income Tax Self Assessment Tax Challan पर Serial Number दिया होगा वह Serial Number यहाँ पर लिखना है| उसके बाद आपने जो Amount pay की है वह लिखनी है| निचे दिए हुए button पर क्लिक करके आप Self Assessment Challan कैसे भरे उसकी information दी हुए है


TCS : TCS यानि "Tax Collect at Sources" यह Tax आपका तभी कटता है जब आप कोई
Car Luxurious purchase करते है तब आपका TCS कटता है| यदि आपने कोई Property purchase करते है जिसकी Sale Deed 50 लाख से ज्यादा है तब आपका TCS कटता है| या फिर आपने Jewelry purchase की है तब भी आपका TCS कटता है| अब Govt Lic Policy Mature होने पर भी आपका TCS कटता है| निचे दिए हुए बटन पर क्लिक करके आप अपना TCS Report देख सकते है| 



उसमे आपको TCS Number लिखना है|  उसके बाद TCS काटने वाले का नाम लिखना है| Gross Amount जिस पर आपका TCS कटा है वह लिखना है| उसके बाद year select करना है जिस साल में TCS कटा है वह| उसके बाद TCS Amount लिखनी है| यदि आपका TCS 5 साल तक Claim नहीं किया है तो आप यहाँ पर Claim कर सकते है| 

TAX PAID : यहाँ पर आपको बहोत ध्यान से करना है| जैसे की आपकी Tax paid का आपक
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Income Tax Refund है तो Refund के Column में वह Amount दिखाई दे रही है वह देखना है| यदि आपका Tax Paid करना है| Amount Payable Column पर होना चाहिए| Total Tax Paid amount और Tax Payable Amount same होनी चाहिए| उसके बाद आप आपको अपनी सभी Bank Details यहाँ पर देनी है| जिसमे आपको IFSC code लिखने से Bank Name अपने आप आ जायेगा यदि आपका IFSC code सही होगा तभी| उसके बाद आपको अपने Bank Account Number लिखना है| यदि आपका Income Tax Refund लेना है तब last Column Select Account for Refund पर क्लिक करने से आपका Income Tax Refund वही Bank Account में आ जायेगा| यदि आपका Income Tax Refund Status Check करने के लिए निचे दिए हुए Button पर क्लिक कर के Check कर सकते है| 



Verification :  यहाँ पर आपको Verification करना है | जैसे की आपका नाम चेक करना है
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उसके बाद आपके Father का नाम लिखना है| वह पर PAN Number लिखना है| Place लिखना है| वह पर एक Column होगा Capacity वह पर आपको Self Select करना है|  

Details of Investment :  यह Income Tax Return में नया Column add किया गया
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है | यहाँ पर आपको Deposit और Investment की Details नहीं देनी है क्यूंकि यहाँ अपने आप Fill up हो जायेगा| जैसे की आने LIC Policy या 80 C में Invest किया है तो यहाँ पर अपने आप दिखाई देगा| Corona की वजह से यह कॉलम नया आया हुआ है| 
80 D : यदि आपने Mediclaim यानि की Medical का खर्चा किया है तो आपको यहाँ पर Details देनी
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है जैसे की Mediclaim की Amount कितनी भी हो लेकिन आपको Income Tax में सिर्फ 25000/- ही Deduction मिल सकता है| लेकिन आप यहाँ पर Yes option select करोगे तो आपको Medical Expenses ज्यादा Deduction में मिलेगा| 

80 G : Donation  यहाँ पर आपने किसी संस्था और Charitable Trust को Donation दिया है तो आपको Donation का 50% या 100% आपको Income Tax में बाद मिल सकता है| जैसे की आपने किसी मंदिर में Donation दिया है|  Local city में किसी मंदिर में या Education Institute में आपने Donation दिया है| आपको उनके पास से 80G Certificate और PAN Number Copy और Donation की Receipt लेनी है| 

50% Donation :  यहाँ पर आपने Charitable Trust को Donation दिया है| Public
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Charitable Trust Act के तहत Registration वाली Trust को आपने Donation दिया है तो आपको 50% Donation Income Tax में बाद मिल सकता है| लेकिन उसमे आपको Trust Name, Address, PIN Code, PAN Number लेना है| 80 G Certificate भी आपको लेके रखना है| क्योंकि यदि Income Tax में कभी आपसे माँगा सजा सकता है| आपको Income Tax  में 50% ही बाद मिलेगा ऐसा नहीं है| आपके Donation की Amount और आपके Gross Income की 10% दोनों में से जो ज्यादा होगा वह आपको Deduction में मिलेगा| आपने Payment कैसे किया है वह भी लिखना है| Cheque या Cash से आपने Donation दिया है वह भी आपको बताना होगा| Mode of Payment column में आपको लिखना है| 


100% Donation : यहाँ पर आपने किसी Central Govt की Medical या
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Education Institute को आपने Donation दिया है| जैसे की जिस संस्था के पास 35 A Certificate है| वही Donation आपको 100% Income Tax में बाद मील सकता है| उसके लिए आपको संस्था का नाम, Address, PIN Code और PAN Number लिखना है| 
Cheque या Cash से आपने Donation दिया है वह भी आपको बताना होगा| Mode of Payment column में आपको लिखना है| 

80GGA : Scientific Research and rural Development : यहाँ पर आपने किसी Scientific research करने वाली Institute को आपने Donation दिया है| या किसी rural area में Development करने वाली किसी संस्था को Donation दिया है वह Donation आपको यहाँ बताना होगा| जो आपको Income Tax में बाद मिलेगा| 


अब Last में आपको सभी Sheet को Validate करनी है| आपकी सभी Sheet में Side ने आपको
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बटन दिखेगा| उसी बटन में आपको सबसे पहले आपको Validate करना है| यदि आपकी Sheet में कोई Problem या कोई Information सही नहीं होगी तो आपको वह Sheet में बताएगा| सभी Sheet को Validate करके आपको Calculation Tax बटन पर Click करना है| 
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आप side में देख रहे है की जब आप Calculation Tax बटन पर click करोगे तो इस तरह का Sheet में Calculation होने लगेगा| जिससे आपका Calculation हो जायेगा| उसके बाद आपको सिर्फ Tax paid and Verification sheet में  आपको देखना है की यदि आपका Income tax Refund लेना है 26 - Refund के column में Refund की amount check करनी है| यदि आपको Tax paid करना है तो आपको 25  Amount Payable column में Total Tax Paid और Amount Payable (24 -25 =) होनी चाहिए| 

उसके बाद आपको Generate XML बटन पर Click करनी है| उसमे आपको निचे दिए हुए बटन मिलेगा उसको सिर्फ OK करते रहना है|यह बटन आपको बता रहा है की आपने 26AS verify किया हुआ है| यदि नहीं किया है तो आप यहाँ पर दुबारा चेक कर सकते है| यानि की आपके 26AS में जो Income दिखाई दे रही है वह आपने अपने Income Tax Return में दिखाई है| उसकी का आपको verification देना है| यदि आप OK पर click करते है तो आप 26 As check किया है| 

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यह बटन पर click करने से आपको बता रहे है की आपने जो Income Tax का Return file किया है वह आपने जो Tax है या उसपे आने वाला Interest सब सही है अब आप XML Generate कर सकते है| यह बटन पर click करने से पहले वह यह लिखा है| 

" To Complete Tax and Interest using this utility, you must click on "Calculate Tax" button and verify the figures before saving the XML, if you have not done so, please do it and then Generate XML.

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इस बटन पर click करने से आपका XML Save करने के लिए आपसे बता रहे है|  यहाँ पर आपसे XML Save करना है|  




" To Save XML , Click on the "SAVE XML " button on this Sheet .

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अब जैसे ही आप OK पर click करोगे आपके पास Generate हुई XML फाइल होगी| आप Image में देख सकते है  Save XML बटन पर आपको Click करना है| जैसे ही आप Save XML बटन पर click करोगे आपके सामने एक Menu ओपन हो जायेगा| जिसमे

 
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आपको XML कहा पर Save की है उसकी वह जगह का Path आपको दिखाया| Yellow underline में आप देख सकते है वह पर आपकी XML save हुई है| 




आप Income tax Return efiling  करने के लिए आपको अब निचे दी हुए Link open करनी है| Income Tax itr 1 कैसे file कर सकते है| हम आपको Income Tax Return कैसे prepared करते है| सभी जानकारी आपको यहाँ पर दी गयी है| 

अब आपको Income Tax return prepared करने के बाद आपको यह XML file को Income Tax website पर upload करनी है| निचे दी गयी लिंक ओपन करके आप Income Tax efiling कैसे करते है उसके बारे में जानने के लिए पढ़े| 



यदि आपने अपना PAN number Income tax website पर Registration नहीं किया है तो आप यहाँ पर  Click करके अपना PAN Number Register कर सकते है | 




यहाँ पर आपको Income Tax के बारे में जानकारी दी गयी है| आपको Income Tax के बारे में जानकारी यहाँ पर दी जाएगी| यदि आप Income Tax Return के बारे में और भी माहिती लेना जानते है| आप हमारी  Website को Subscribe करके आप आने वाले Income Tax के बारे में और भी जानकारी ले सकते है| हमारा उदेश्य Income Tax के बारे में बताना है | Income Tax कैसे भरते है| Income Tax Return कैसे भरते है| Income Tax Return को efiling कैसे करते है| उसकी भी जानकारी आपको यहाँ पर step by step आपको बताना है| हम आपको यहाँ पर Income Tax Return के ITR -1 , ITR -2 ,ITR -3 और भी सभी Income Tax Return के बारे में आपको यहाँ पर जानकारी देने जा रहे है| 























How to file GSTR-3B Return online- Step by Step Full Information

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आज हम आपको GSTR-3B Return के बारे में बताना चाहते है| लेकिन उससे पहले आप यदि छोटे छोटे व्यापारी के GST Return filing करके अच्छी सी Income हो सकती है|  यदि आपने B.com किया है और आप GST में अपना Career बनाना चाहते है| यही  अच्छा मौका है| 



GSTR-3B Meaning क्या है|
GSTR-3B एक महीने की sales और Purchase की summary है|जिसमे आपको आपके महीने में हुए Sales और Purchase की Without Tax की Amount और CGST और SGST Tax की Amount की Input और Output Tax की Summary से Calculation करके Tax Paid करने के बाद या Input Tax की Credit लेने के बाद वही Summary को file करना वही Summary वाले Form को GSTR-3B कहते है| 

हम अभी यहाँ देखते  GSTR-3b Accounting Software में कैसे अपने आप यानि के जब आप Sales और Purchase के Invoice की Accounting Software में Entry करते है| तब Accounting Software में GSTR-3b report generate होता है| 

GSTR -3B हम आपको सभी के बारे में बताएँगे| 

GSTIN No.:- 
Legal Name of the Registered Person :- 
Year 
Month

3.1.Details of Outward Supplies and Inward Supplies liable to reverse Charge

Name of the Supplies :- 

A. Outward Taxable Supplies ( Other than zero rated,nil rated and exempted): यहाँ पर आपको अपने Sales की ऐसी Amount लिखनी है जिसमे Zero Rate , Nil Rate और Exempted के बिना यानि जिस Products पर GST Tax आपने लगाया है वही amount यहाँ पर लिखनी है| 
B. Outward Taxable Supplies ( Zero rated) :- यहाँ पर Zero Rated GST Tax  की Sales की Amount यहाँ पर लिखनी है| 
C. Other than Outward Taxable Supplies ( Nil Rated, Exempted) :- यहाँ पर आपको NIL Rated और Exempted यानि ऐसी चीजे जिन पर GST Tax Rules में Exempt किया है| इस तरह के Sales की  Amount यहाँ लिखनी है| 
D. Inward Supplies ( liable to reverse charge) :- यहाँ पर आपने ऐसी खरीदी की  है जिसमे आपको GST Tax pay करना पड़ता है जैसे की ऐसे व्यापारी या ऐसी Services का इस्तेमाल करना जिसके पास GST Number नहीं है या वह GST Number लेने के लिए Liable नहीं है जिसे Unregistered Bill की अमाउंट यहाँ पर लिखनी है|

 Section-9 Reverse Charge Method in GST Act

E. Non-GST Outward Supplies :-  यहाँ पर ऐसी Sales Amount लिखनी है जिसमे आप ने GST Number है लेकिन आपने GST Tax का Collection नहीं किया है यानि आपने GST Invoice  की जगह Bill of Supply से आपने Goods की Sales की है वही Amount आपको यहाँ लिखनी है| 


आपको समज में आ गया होगा की कोनसी Amount कहा लिखनी है| अब हम निचे दिए हुए कुछ words समझने की कोशिश करते है| 
Total Taxable Value :- Total Taxable Value यानि आपकी एक महीने की Sales जिसमे GST Tax (CGST & SGST & IGST) के पहले की Value जिसे Total Taxable Value कहते है| 
Integrated Tax :- Integrated Tax यानि आप ने Sales किया है लेकिन आपने किसी और राज्य में Goods या Services दी है जिसमे आपने IGST Tax लगाके GST Invoice दिया है वही IGST Tax की Amount को Integrated Tax कहते है| 
Central Tax :- आपने GST Invoice में CGST Tax का Collection किया है|  यानि आपने आपके राज्य में CGST Tax लगाके GST Invoice देके Sales किया है| उसी GST Invoice में लगने वाला CGST Tax को Central Tax कहते ह| 
State/UT Tax : आपने GST Invoice में SGST Tax का Collection किया है|  यानि आपने आपके राज्य में SGST Tax लगाके GST Invoice देके Sales किया है| उसी GST Invoice में लगने वाला SGST Tax को State/UT Tax कहते ह| 
Cess :- Cess  एक तरह का Tax है जो कुछ Products पर लगता है जैसी की Col-drinks  पर Cess लगता है| जिसे extra Tax कहते है जिसका इस्तेमाल State और Central Govt किसी खास उदेश्य के लिए यह Amount का उपयोग करती है| 


ITC Available (Whether in full or Part) :- 

Import of Goods :- Import of Goods यानि आप Goods की खरीदी करते वक्त GST Invoice में जो CGST,SGST और IGST Tax है| आपने Vendor या Merchant को Tax दिया है| वही Merchant यह Tax Government में pay करेगा| हम वही Tax को Import of Goods Tax कहते है| 



Import of Service  :- Import of Service यानि आप ने किसी से service का इस्तेमाल किया है और उसी service Provider ने आपको GST Invoice दिया है| GST Invoice में जो CGST,SGST और IGST Tax है| आपने Vendor या Merchant को Tax दिया है| वही Merchant यह Tax Government में pay करेगा| हम वही Tax को Import of Service Tax कहते है| 

Inward Supplies liable to reverse Charge :-